
८ फ़रवरी को NDTV ने को एक बार फिर ये साबित किया की वह भीर से अलग है ओर उसकी सोच अन्य चैनलों से अभी भी उपर है। महज TRP की रेटिंग ही इस चैनेल का मानक नही। इस चैनल के २४ घंटे चले एनवायरनमेंट रेवोलुशन काम्पैग्न ने यह साबित कर दिया की सिर्फ़ यह सोच रखना की हम वही दिखाते है जो दर्शक देखना चाहते है, कहते है पुरी तरह ग़लत है। क्यूंकि, इस रेवोलुशन में सबसे अधिक किसी की भागीदारी दिखी तो वो है हम युवाओ की। फिर चाहे वह जिस तरीके से हो। इंडियन आइडल के फिअनालिस्ट, युवा कलकार वो युवा अभिनेत्री, अभिनेता व न्यूज़ रीडर , एंकर भी। मीडिया इनदिनों राजनीति, एन्तेर्तैन्मेंट, क्रीम की खबरों को ही प्रत्मिकता दे रहा है। ऐसे में TRP की फ़िक्र न करते हुए २४ घंटे के इस शो का prashaaran सराहनीय तो है ही। साथ ही अन्य चैनेलो के लिए एक सबक भी। २४ घंटे झूटी व बेतुकी खबरों की बजाये अगर ऐसे एक्सपेरिमेंट किए जाए तो बेहतर होगा। वर्तिका नंदा एक कार्यकर्म लेकर आई थी कुछ मीठा हो जाए, NDTV का फ़ूड पर आधारित शो जायका दर्शको का बेहद पसंदीदा शो है। NDTV के ऐसे कई शो है जो भीर से अलग है। युवाओ को समय समय पर जोरने का काम भी कर रहा है यह चैनल। मीडिया में हर दिन अगर ऐसे ही badlaw हो तो निशितात तौर पर युवाओ को वाकई कुछ difarenet hoga. tab darshak jaroor kahenge ki wah kya concept hai.

what is how??
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