Tuesday, February 24, 2009

एनर्जी, फ्रेशनेस और गुप्र कैमेस्टी यानी बैंड आफ ब्वॉयज



पैशन व एक दूसरे पर विश्वास है बैंड आफ ब्वॉयज की ताकत. वर्ष 2000 में बना यह बैंड अब तक देश-विदेश में कई शोज कर चुका है। बैंड आफ ब्वॉयज के अंदाज व आवाज के कायल हैं


अनुप्रिया अनंत/पूनम चौबे


फ़िल्म रॉक ऑन हकीकत के बेहद करीब है। इसमें किसी रॉक बैंड में होनेवाले उतार-चढ़ाव को वास्तविकता से बेहद खूबसूरती से स्क्रीन पर दर्शाया गया है। यह सच है कि एक अकेला व्यक्ति जब अपनी पहचान बनाता है, तो उसे कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पर कई चीजें उसके बस में होती हैं। पर जब आप एक ग्रुप में काम करते हैं, तो व्यक्तिगत पहचान के लिए नहीं, बल्कि उस ग्रुप की कामयाबी के लिए कोशिश करते hai। बैंड आफ ब्वॉयज भी कुछ ऐसे ही परिवार की तरह है, जिसमें हर सदस्य की कामयाबी ही सफलता है। पिछले दिनों युवा महोत्सवों में शिरकत करने आये बैंड आफ ब्वॉयज चिंटू, करण, सिद्धार्थ व सरीन का कुछ ऐसा ही मानना है। वर्ष 2000 में पहली बार भारत में इंडियन रॉक बैंड आफ ब्वॉयज की शुरुआत हुई और मेरी नींद उड़ गयी है, मेरा चैन खो गया है के हिट गीत के साथ इनकl एलबम आया, तो युवा इनकी आवाज और अंदाज दोनों के कायल हो गये। बैंड आफ ब्वॉयज को पहचाने दिlaने में इन चारों ने काफी मेहनत की। जब पहली बार लड़कीयों का बैंड विवा आया व वह बेहद पॉपुलार भी हो गया. उसके बावजूद बैंड को लॉन्च करना और पॉपुlaiरिटी हासिल करना आसान नहीं था. पर बैंड आफ ब्वॉयज ने दूसरा रास्ता अपनाया. कुढ़ को टीवी पर लॉन्च करने से पहले इन्होंने कई कॉleज, रोड शोज व कई स्टेज शोज किये और आम लोगो की नजर में अपनी पहचान बनायी. वे बताते हैं कि स्ट्रगल का अंत नहीं है. इन loगों ने अपने बैंड के लिए अपने प्रोफेशन तक को छोड़ दिया. चिंटू ने बिग एफएम आरजे की नौकरी, सरीन ने टेleविजन से एक्टिंग, सिद्धार्थ ने फिटनेस व डांसिंग ट­ट्रेनर व करण ने भी कुछ समय के लिए एक्टिंग को विराम दिया. करण ने सफर अपना अपना, साया, जस्सी, अंताक्षरी समेत कई शोज किये हैं। सरीन मूवर्स एंड शेखर्स, कोई अपना सा जैसे सीरियल्स में नजर आयें. इन सभी ने बकायदा क्लास्सिकल म्यूजिक की ट­निंग ली है. सिद्धार्थ के पिता अमर हल्दी सुप्रसिद्ध प्यानो आर्टिस्ट थे, इसलिए सिद्वार्थ बचपन से ही संगीत से जुड़े रहे. चिंटू अच्छे गिटारिस्ट हैं, सिद्धार्थ अच्छे डांसर, करण व सरीन लिखने में माहिर हैं. ये चारों ही म्यूजिकलोन इंस्टूमेंट भी बजाते हैं. उन्होंने बिना रुके, बगैर किसी ब्रेक के चार शहरों में लागातार शो किया, जो उनके लिए वाकई टफ व सुखद अनुभव रहा. युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पैशन हो और आत्मविश्वास हो, तो जिंदगी में कुछ भी हासिल करना करना मुस्किल नहीं.








No comments:

Post a Comment