Friday, February 6, 2009

अपने घर में बेगाने क्यों हैं यंग स्पर्कास


हेमंत कुमार
हेल्लो दोस्त, आप सभी से एक सवाल पूछना चाहता हूं। जब भी हमारे घर कोई बाहर से आता है, तो हम उसकी जी हुजूरी में lag जाते हैं. हमारी नजर में वही सुपर हीरो होता है. और इस चक्कर में हम अपनों को बेगाने बना देते हैं. झारखंड से हर दिन कई प्रतिभाएं कारनामे दिखा रही हैं. पर हम हैं कि केवल एक राग का ही अलाप करते रह जाते हैं. तो दोस्तों, अब आप ही तय करें कि क्या पूरे देश में स्पार्क करनेवाला यंग स्पार्किंग ब्वॉय यहां अपने ही गांव में बेगाने क्यों. अगर विश्वास नहीं तो अपना जवाब इस आलेख को पढ़ने के बाद दें।
पटना में आइआइटी, मेडिकल , मैनेजमेंट, फैश्न, सहित अन्य क्षेत्रों में राज्य का नाम रोशन करनेवाला युवा बिहारी प्रतिभाआं को सम्मानित किया गया। अमूमन इसमें policekarmi , प्रशासक, राजनीतिज्ञ, khilari सहित अन्य क्षेत्रों के लोग होंगे. लेकिन उस list में किसी टॉपर (इंजीनियरिंग, मेडिकल b) युवा उद्यमी, लेखक, फिल्मकार , kalkaar या यूथ अचीवर्स का नाम शायद ही हो. झारखंड के रांची, बोका रो, जमशेदपुर, धनबाद से औसतन दो-तीन सौ छात्र आइआइटी entrence पास करते हैं, जिनमें से दर्जनों टॉप-100 में होते हैं. इस कारण इन शहरों व यहां के स्कूलो को माइंस आफ आइआइटीयंस भी कहते हैं. मेडिकल , मैनेजमेंट में भी झारखंडी छात्रों को रिkord शानदार है. लेकिन ऐसे टॉपर्स को प्रतीकात्मक ही सही सम्मानित करने की कोई परंपरा नहीं है. विश्व प्रसिद्ध landon school आफ इकोनॉमिक्स mei प्रवेश पानेवाli एकमात्र छात्रा रांची की हर्षिका सिंह और जेएनयू के एमसीए entrence की टॉपर (हां, एक आदिवासी लड़की के बारे में बहुतों को पता भी नहीं है. कितने लोग हजारीबाग के युवा निर्देशक व पटकथा lekखक राजकुमार gupta को जानते हैं, जिन्होंने चर्चित फिल्म “आमिर‘ निर्देशित की. los एंजिल्स के इंटरनेशनल फिल्म festival “वै आफ फ्वर‘ फिल्म में म्यूजिक कंपोजिंग के लिए रांची के विवेक अस्थाना सम्मानित हुए. प्prena सिद्धार्थ ने चैनल वी का म्यूजिक contest जीता और अब एक सोशल एंटरप्रेन्योर है. खूंटी के सिद्धार्थ प्रसाद दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक महाप्रयोग से जुड़े रहे. रांची से taalookh रखनेवाला अनीरबन बोस की किताब “बॉम्बे रेन्स बॉम्बे गल्र्स‘ पूरे देश में सराही गयी. जमशेदपुर के तुहिन शर्मा की दूसरी किताब “22 यार्ड‘ भी चर्चित रही. दोनों पुस्तक बेस्टसेlar मानी गयीं, पर हमें इनके बारे में पता नहीं. कुछ अरसा पहले हमारे राज्य को एक ब्रांड एंबेसडर की तlash थी, जिसके लिए अफसरों ने बॉliwood की एक आइटम girl को चुना. उस अभिनेत्री की छवि की बात छोड़ भी दें, वह झारखंड ki थी भी नहीं. ”या हमारे राज्य में प्रियंका चोपड़ा, आर माधवन, तनुश्री दत्ता, इम्तियाज अli , विनय पाठक और उभरती playback सिंगर शिल्पा राव जैसी झारखंड से talookh रखनेवाli सिने हस्तियां नहीं हैं? “जब वी मेट‘ से बॉli वुड में बेहद चर्चित डायरेक्टर बन चुके जमशेदपुर के इम्तियाज ali और अभिनेत्री तनुश्री तो झारखंड के ही हैं. “भेजा फ्राइ‘, “खोसला का ghosla ‘ फिŸल्मों से मशहूर हुए विनय पाठक तो धनबाद ही के हैं. बॉलीवुड में स्थापित हो चुके माधवन, प्रियंका, शिल्पा राव को नन रेसिडेंट झारखंडी (एनआरजे) भी मानें तो क्या राज्य सरकार एनआरआइ के तर्ज पर उन्हें सम्मानित नहीं कर सकती? सभी को झारखंड रत्न या झारखंड गौरव सम्मान दिया जाये, यह व्यावहारिक नहीं. पर प्रतिभाओं का सम्मान राज्य, सरकार व समाज के विश्वास और प्रोत्साहन का प्रतीक होता है. हमारे राज्य के युवा उद्यमी अन्य जगहों पर नाम कमा रहे हैं. लेकिन यहां अगर वे कुछ करना चाहते हैं तो हमारा सिस्टम या तो इससे अनभिज्ञ रहता है या मदद को हाथ नहीं बढ़ाता. ब्रिटिश काउंसिलिंग के यंग इंडियन अवार्ड के रनरअप एंटरप्रेन्योर आनंद प्रकाश डाल्टनगंज से हैं, जिनके ग्रीटिंग्स और हंडमेड प्रोडkat अमेरिका , यूरोप, ब्रिटेन में बिग हिट हैं. धनबाद के अंशुमन (बीन्स एंड intercact फाइनेंसियल टेक), साहेबगंज के रविशंकर (रेंटफॉरश्योर डॉटकम), रांची के विनीत (इथिककल हैकर और नैग के एमडी) और गौरव (कैटइंडिया आन line डॉटकम), बोकारो के प्रभात सिंह (रेविरल टेक्नोlogy ), जमशेदपुर के नीरज (इवेंट्स इंडिया डॉटकॉम) जैसे ढेरों युवा उद्यमी उपेक्षित हैं. उधर बिहार में सरकारी प्रयासों से बिहारी युवा उद्यमी अब राज्य को अपना कार्यक्षेत्र बनाने लेंगे हैं. दरअसल इन युवा प्रतिभाओं की उपेक्षा करना हमारे और राज्य के भविष्य की उपेक्षा है. बिना किसी सहयोग या प्रोत्साहन के जब हमारे युवा इतना कुछ कर सकते हैं तो उन्हें सहयोग देकर हम उन्हें और आगे kyu नहीं बढ़ाना चाहते? बाहर में जब नाम कमा सकते हैं, तब ही हमें इनके बारे में क्यों पता चल ता है? तमाम नाउम्मीदी के बीच झारखंड में उम्मीदें हैं. झारखंडी युवाओं की इन छोटी-बड़ी उपलब्धियों के संदेश गहरे हैं

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