
उमर ने ऐलान किया है की अब उनका निवास हरिनिवास सरकार की आया का अत्रिकित साधन होगा। निशित्तौर पर होने के बावजूद उन्होंने जब यह निर्णय लिया है, तो काफी सोच समझकर लिया होगा। खुशी इस बात की, की उन्होंने युवा की तरह सोचा। हाल में ही ख़बर आई थी की राहुल गाँधी नि चुनावी रैली के लिए खास तौर से कई लाख करने के बाद रथ तैयार कार्य है। हलाकि बाद में संचार का खंडन किया गया। राहुल गाँधी इन दिनों जनता के बीच आम इंसान की तरह मिल रहे हैऐसे में अगर वे वाकुई लाखो की गारी में जाते तो युवा नेता की ग़लत चावी बनती पर , थोरा ही सही मगर युवा नेता जनता की नजरो में ख़ुद के लिए एक अलग चावी बनने में सफल हो रहे है। राहुल जब चुनावी रैली के दौरान पुरुलिया गए। वह की जनता ने उनका तहे दिल से स्वागत किया। अब तक राहुल या प्रियंका गाँधी जैसे युवा नेताओ को जुटे चपल मारे जाने की कोई ख़बर नही आई है। साफ़ जाहिर है की युवा नेताओ को रियल हीरो के रूप में देख रहेहै हमारी जनता। पर अफ़सोस इस बार लोकसभा चुनाव में उनके पास युवा नेताओ को वोट करने के विकल्प मौजूद नही थे। मतदाताओं में भले ही बुजुर्ग मतदाताओ का प्रतिशत ज्यादा रहा हो। पर हमें कभी नही भूलना चैये की ओल्ड आगे को भी जवान बेटे के सहारे की जरूरत परती है।

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